सवाल अटपटा है, लेकिन वाजिब है। आख़िर चेन्नई सुपर किंग्स की वो देशी चीयरलीडर्स कहाँ गईं, जिन्हें दक्षिण भारत के प्रमुख चैनल विजय टीवी पर एक रिएलिटी शो के ज़रिए चुना गया था।
दिल्ली डेयरडेविल्स के ख़िलाफ़ डरबन में हुए मुक़ाबले के दौरान ये सवाल तमिलनाडु से आए चेन्नई सुपर किंग्स के कुछ प्रशंसकों ने उठाया। उन्होंने कहा, विजय टीवी पर इस टेलेंट हंट का जमकर प्रचार हुआ था। दस टीमों ने इसमें हिस्सा लिया था। इन टीमों में से एक टीम को दक्षिण अफ्रीका में चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाना था। लेकिन यहाँ तो कोई चेन्नई की चीयरलीडर्स दिखायी ही नहीं दे रही।
दरअसल,सुपर किंग्स के प्रशंसकों का ये सवाल इसलिए अहम था क्योंकि विजय टीवी के इस शो को जबरदस्त प्रचार दिया गया। इसमें चीयरलीडर्स को चुनने की जिम्मेदारी जिन निर्णायकों पर थी,उनमें से एक पूर्व क्रिकेटर सदगोपालन रमेश भी थे।
फिर,ऐसा भी नहीं है कि चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए मैदान पर चीयरलीडर्स मौजूद ही न हों। बेंगलुरु,दिल्ली और किंग्स इलेवन की तरह चेन्नई की चीयरलीडर्स भी विदेशी हैं,और कैमरा लगातार उनपर फोकस करता है।
लेकिन देशी चीयरलीडर्स नदारद हैं... क्यों? अगर उन्हें दक्षिण अफ्रीका में चीयर करने का काम करना ही नहीं था, तो पूरा ढकोसला किया क्यों गया? इनके बीच एक सवाल चमड़ी के रंग का भी है, जो बेहद गंभीर है। ....
(पूरा लेख पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक कीजिए)