Saturday, June 6, 2009

मेरा दांव रोहित और रैना पर है : मनोज बाजपेयी

Manoj Bajpai on T20 World Cup 2009टी-20 वर्ल्ड कप में यूं तो भारतीय टीम में धुरंधरों की भरमार है, लेकिन अभिनेता मनोज बाजपेयी का दांव रोहित शर्मा और सुरेश रैना पर है। मनोज बाजपेयी का मानना है कि इन दोनों खिलाड़ियों में बेजोड़ हुनर है। मनोज कहते हैं- ये दोनों बल्लेबाज बेहतरीन फॉर्म में हैं, और हिन्दुस्तान को अभी इनके टेलेंट से पूरी तरह रुबरु होना बाकी है...


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Tuesday, May 26, 2009

पारम्परिक और लोक साहित्य व संस्कृति पर बढ़िया सामग्री

igncaयूँ तो IGNCA की यह वेबसाइट मैंने काफ़ी पहले देखी थी , लेकिन तब इसपर ज़्यादा ग़ौर नहीं किया था। हाल में इंटरनेट पर आवारागर्दी करते वक़्त यह साइट फिर दिखाई दी और हिन्दी-प्रेमी जनता के लिहाज़ से काफ़ी उपयोगी लगी। यहाँ आपको पारम्परिक और लोक साहित्य, मौखिक महाकाव्य, हिन्दी के कई सारे कवियों और लेखकों पर बढ़िया जानकारी, बहुत-से राज्यों की संस्कृतियों पर विस्तृत आलेख और किताबें वग़ैरह मिलेंगे। देखिए - IGNCA की वेबसाइट

Wednesday, April 29, 2009

बॉलीवुड का भी अपना जलवा है दक्षिण अफ्रीका में

पोर्ट एजिलाबेथ के सेंट जॉर्जेस पार्क में मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबले के बीच सचिन तेंदुलकर और सनथ जयसूर्या की पारियां दर्शकों को जितना दीवाना बना रही थी, कुछ उतना ही शाहरुख खान, जूही चावला, प्रीति जिंटा, शिल्पा शेट्टी, और रवीना टंडन जैसे बॉलीवुड सितारों की मौजूदगी भी।

दक्षिण अफ्रीका में बॉलीवुड सितारों की लोकप्रियता भारत से कम नहीं दिखती। शायद इसकी एक वजह आईपीएल के मैच भी हैं,जिसे देखने के लिए भारत से हज़ारों दर्शक दक्षिण अफ्रीका पहुंचे हैं। और इन दर्शकों के बीच बॉलीवुड सितारों की लोकप्रियता क्रिकेट सितारों सरीखी है... ...
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क्या अब भारतीय खिलाड़ी करेंगे ब्लॉगिंग ?

कोलकाता नाइट राइडर्स के कैंप में खलबली मचाने वाले फेकआईपीएलप्लेयर के ब्लॉग का भूत अब आईपीएल से जुड़े तमाम खिलाड़ियों को सताने लगा है। दरअसल, विवादों के बावजूद इस ब्लॉग पर पोस्ट लिखने का सिलसिला जारी है। आखिरी पोस्ट ‘हैट्स ऑफ टू भूखा नान’ नाम से 26 अप्रैल को लिखी गई है। इस पोस्ट में लेखक ने नाइट राइडर्स के कई साथियों के वापस घर जाने पर अफसोस भी जाहिर किया है। कई खिलाड़ियों को अब डर है कि इस ब्लॉग पर दूसरी टीमों से जुड़ी ख़बरें भी लीक हो सकती है।

नाइट राइडर्स कैंप से जुड़ी खबरें कथित तौर पर लीक करने वाले इस ब्लॉग के लेखक का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। हालांकि, आकाश चोपड़ा से लेकर संजय बांगर तक कई लोगों को निशाना बनाया गया, लेकिन इस बारे में किसी के नाम की पुष्टि नहीं हो सकी है। सूचना तकनीक से जुड़े जानकारों का मानना है कि इस ब्लॉग को जिस तरह संचालित किया गया, उससे लगता है कि ये किसी क्रिकेट खिलाड़ी का काम नहीं है। ... ...

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Tuesday, April 28, 2009

जूही चावला की डायरी (व्यंग्य)

तारीख़- 27 अप्रैल
वक़्त- रात के 11 बजे
जगह- पोर्ट एलिज़ाबेथ

मुझे डायरी लिखने का शौक़ नहीं है। लेकिन किस पर भड़ास निकालूँ? जय यहाँ आते तो शायद उन्हें चार-छः सुना देती । वो आए नहीं, और शाहरुख़ को सुनाना मुमकिन नहीं है। इसलिए इन काग़ज़ों पर ही अपना ग़ुस्सा निकाल रही हूँ।

हमारी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स फिर हार गई। ख़ुदा जाने, क्या घटिया टीम बनी है इस बार! अब किसे दोष दूँ? शाहरुख़ को कितना समझाया था कि सौरव गांगुली को कप्तान बना रहने दो। वो फालतू है पूरी तरह। अब इंडिया की टीम में भी नहीं है। इसलिए पूरा ध्यान देगा टीम पर। लेकिन नहीं! शाहरुख़ को तो उस जादूगर बुकानन की बातें ही समझ आती हैं। उसने कहा मैकुलम को कप्तान बनाओ तो उसे बना दिया । क्या किया है उस मक्कू ने अभी तक? सिवाय टीम को हराने के!

अभी-अभी जय का भी फ़ोन आया था। बड़ा अपसेट था। कह रहा था कि फँस गए करोड़ों रुपए फालतू में। मुझपर नाराज़ हो रहा था कि तुम्हारी शाहरुख़ से दोस्ती के चलते मैंने दांव खेला था। पिछले साल का 13 करोड़ का प्रॉफ़िट इस बार इन नासपीटों ने ख़र्च करा दिया, और इस साल प्रॉफ़िट होता दिखता नहीं है ......

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Monday, April 27, 2009

शिल्पा शेट्टी की डायरी (व्यंग्य)

तारीख – 26 अप्रैल
वक़्त – रात के 11.30
जगह - केपटाउन

हे भगवान, शुक्र है कि अभी डायरी बची हुई है अपने दिल की बात लिखने के लिए। वरना, ब्लॉग पर तो सब कुछ सार्वजनिक है। लोग कमेंट्स भी ऐसे करते हैं क्या कहा जाए ?

आज मुझे बहुत गुस्सा आ रहा है। हमारी टीम राजस्थान रॉयल्स हल्ला तो तब बोलती, जब खिलाड़ियों का बल्ला बोलता। पूरी की पूरी टीम 140 रन नहीं बना सकी। एक वक्त तो ऐसा लग रहा था कि पूरी टीम अपना ही रिकॉर्ड तोड़ देगी। रिकॉर्ड आईपीएल में सबसे कम रन बनाने वाली टीम का। सबसे पहले मैच में टीम 58 पर ढेर हो गयी थी। इस बार लगा था कि पहले ही चारों खाने चित हो जाएगी। वो तो भला हो, उस छोरे का..। रवीन्द्र जड़ेजा का, जिसने टीम की बची खुची नाक बचा ली।

लेकिन,बात हारने की नहीं है। बात है इस तरह हारने की। और अब तो मुझे लग रहा है कि मैंने टीम में पैसा लगाकर वास्तव में गलत किया। लोग मुझसे अब पूछ रहे हैं कि राजस्थान रॉयल्स में पैसा लगाना था,तो पिछले साल क्यों नहीं लगाया। इस बार ज्यादा रुपए खर्च करने पड़े और शेयर भी कम मिले। अब, उन्हें कौन बताए कि पिछले साल राज से मेरा अफेयर ऐसा थोड़े हुआ था कि मेरे कहने पर वो 75-80 करोड़ रुपए खर्च कर देता ! हाय-बेचारे राज के फंस गए करोड़ों रुपए । काश ! इतने रुपए फिल्म प्रोड्यूस करने में लगाए होते तो शमिता का भी भला हो जाता। दो-चार फिल्मों में शमिता काम कर लेती तो जीजा से भी खुश हो जाती। शायद उसका करियर भी बन जाता तो मम्मी भी खुश हो जाती। आखिर, अब मैं तो राज के साथ लंदन रहूंगी ! ...........

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Saturday, April 25, 2009

कहाँ गईं चेन्नई की देशी 'चीयरलीडर्स'?

indian cheerleaders of chennai super kings IPL teamसवाल अटपटा है, लेकिन वाजिब है। आख़िर चेन्नई सुपर किंग्स की वो देशी चीयरलीडर्स कहाँ गईं, जिन्हें दक्षिण भारत के प्रमुख चैनल विजय टीवी पर एक रिएलिटी शो के ज़रिए चुना गया था।

दिल्ली डेयरडेविल्स के ख़िलाफ़ डरबन में हुए मुक़ाबले के दौरान ये सवाल तमिलनाडु से आए चेन्नई सुपर किंग्स के कुछ प्रशंसकों ने उठाया। उन्होंने कहा, विजय टीवी पर इस टेलेंट हंट का जमकर प्रचार हुआ था। दस टीमों ने इसमें हिस्सा लिया था। इन टीमों में से एक टीम को दक्षिण अफ्रीका में चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाना था। लेकिन यहाँ तो कोई चेन्नई की चीयरलीडर्स दिखायी ही नहीं दे रही।

दरअसल,सुपर किंग्स के प्रशंसकों का ये सवाल इसलिए अहम था क्योंकि विजय टीवी के इस शो को जबरदस्त प्रचार दिया गया। इसमें चीयरलीडर्स को चुनने की जिम्मेदारी जिन निर्णायकों पर थी,उनमें से एक पूर्व क्रिकेटर सदगोपालन रमेश भी थे।

फिर,ऐसा भी नहीं है कि चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए मैदान पर चीयरलीडर्स मौजूद ही न हों। बेंगलुरु,दिल्ली और किंग्स इलेवन की तरह चेन्नई की चीयरलीडर्स भी विदेशी हैं,और कैमरा लगातार उनपर फोकस करता है।

लेकिन देशी चीयरलीडर्स नदारद हैं... क्यों? अगर उन्हें दक्षिण अफ्रीका में चीयर करने का काम करना ही नहीं था, तो पूरा ढकोसला किया क्यों गया? इनके बीच एक सवाल चमड़ी के रंग का भी है, जो बेहद गंभीर है। ....

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