Wednesday, May 19, 2010

ओजस कराएगी ब्लॉग लेखकों को आय

Joing AstroCAMP Associate Program today आगरा, 19 मई, हिन्दी ब्लॉगिंग में आर्थिक मॉडल की कमी की शिकायत करने वाले हज़ारों-लाखों लोगों को आगरा की कंपनी ओजस सॉफ्टेक प्राइवेट लिमिटेड ने बड़ा तोहफा दिया है। कंपनी ने अपना ‘एफिलेट प्रोग्राम’ आरंभ किया है, जिसका इस्तेमाल कर ब्लॉगर आय अर्जित कर सकते हैं। इस आय की कोई सीमा नहीं है,लिहाजा इसे आर्थिक मॉडल बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा सकता है।

ओजस सॉफ्टेक के इस एफिलेट कार्यक्रम की शुरुआत आज आगरा में केंद्रीय हिन्दी संस्थान के रजिस्ट्रार श्री चंद्रकांत त्रिपाठी ने की। उन्होंने इस तरह के कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे हिन्दी ब्लॉगिंग की दुनिया को अपने पैरों पर खड़े होने में मदद मिलेगी। ओजस सॉफ्टेक के निदेशक प्रतीक पांडे ने इस खास कार्यक्रम की विशेषता बताते हुए कहा- “वेबसाइट्स-ब्लॉग्स को विज्ञापन मुहैया कराने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी गूगल हिन्दी को लेकर अभी भी बेरुखी अपनाए हुए है। गूगल के विज्ञापन अभी भी हिन्दी ब्लॉग और वेबसाइट को कई वजह से नहीं मिल रहे हैं। भारत में चंद कंपनियां ही एफिलेट प्रोग्राम्स चलाती हैं, जिनका इस्तेमाल न केवल तकनीकी तौर पर काफी झंझटभरा है,बल्कि उसमें आय की भी एक सीमा है। लेकिन, एस्ट्रोकैंप.कॉम के इस एफिलेट प्रोग्राम का इस्तेमाल बेहद सरल है, और इसका इस्तेमाल कर लोग कितनी भी कमाई कर सकते हैं।”

ब्लॉगर या साइट के संचालक आसानी से एस्ट्रोकैंप के एफिलेट कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। इसके लिए उन्हें सिर्फ एस्ट्रोकैंप की साइट पर जाकर एफिलेट प्रोग्राम का फॉर्म भरकर एक कोड हासिल करना होगा, जिसे वो अपने ब्लॉग अथवा वेबसाइट पर लगा सकते हैं। इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने के बाद कंपनी अपनी आय का एक हिस्सा ग्राहक के साथ बांटेगी। इस एफिलेट प्रोग्राम का भाषा से कोई लेना-देना नहीं है यानी हिन्दी-अंग्रेजी-गुजराती-मराठी आदि सभी भाषाओं की वेबसाइट-ब्लॉग इसमें शामिल हो सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि ओजस सॉफ्टेक प्राइवेट लिमिटेड ने हाल में मोबाइल फोन के लिए ज्योतिष का निशुल्क सॉफ्टवेयर बनाकर खासी सुर्खियां बटोरी थी। प्रतीक पांडे ने कहा, कंपनी को आशा है कि एफिलेट प्रोग्राम भी खासा सफल रहेगा और ब्लॉग-वेबसाइट के जरिए अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर तलाश रहे लोगों के लिए उपयोगी साबित होगा। एस्ट्रोकैम्प एफिलेट प्रोग्राम के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए यहाँ जाएँ - http://www.astrocamp.com/affiliate

Wednesday, September 9, 2009

शनि की साढ़े साती

Shani Dev : Sadhe Sati (शनि देव : साढ़े साती)आज ९ सितम्बर के दिन रात के तक़रीबन १२ बजे शनि सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करेगा। नव-ग्रहों में शनि सबसे धीमी गति से चलते वाला ग्रह है और इसलिए इसका राशि बदलना ज्योतिष के नज़रिए से काफ़ी अहमियत रखता है। राशि-परिवर्तन का असर व्यक्तियों और देशों, दोनों पर ही होगा। सिंह राशि का स्वामी सूर्य है, जो शनि के लिए मित्रतापूर्ण नहीं है और इसलिए कुछ ज्योतिषी मानते हैं कि पिछले दो सालों की हलचल और मंदी की वजह सिंह राशि में शनि की मौजूदगी है। अब शनि कन्या राशि में प्रविष्ट हो रहा है, जिसका स्वामित्व बुध के पास है और बुध को शनि का मित्र ग्रह माना जाता है। इसलिए ज्योतिषी मान रहे हैं कि आने वाला समय अच्छा होगा।

शनि की छवि आमतौर पर ऐसी है, जिससे सभी भय खाते हैं। शनि ही “साढ़े साती” का कारक भी है, जिसे लोग ख़राब मानते हैं और साढ़े साती से लोग काफ़ी घबराते भी हैं। शनि के कन्या में प्रवेश करने का एक मतलब यह भी है कि जिन लोगों की चन्द्र-राशि कर्क है, वे अब से शनि की साढ़े साती के प्रभाव में नहीं होंगे। वहीं दूसरी तरफ़, साढ़े साती उन लोगों के लिए शुरू हो रही है जिनकी चन्द्र-राशि राशि तुला है। इसलिए शनि के कन्या में होने के कारण, वे लोग साढ़े साती के प्रभाव के अन्तर्गत आएंगे जिनकी राशि सिंह, कन्या और तुला है।

अगर सच कहा जाए तो साढ़े साती से घबराने की क़तई ज़रूरत नहीं है और मैं पहले ही यह बात साढ़े साती पर लिखे गए अपने विस्तृत लेख में कह चुका हूँ। अगर आ प साढ़े साती के बारे में और ज़्यादा जानना-समझना चाहते हैं, तो कृपया वह लेख पढ़ें।

आख़िर में, सबसे ज़रूरी बात जिसके लिए मैंने यह लेख लिखा है – कल हम एस्ट्रोसेज.कॉम पर साढ़े साती रिपोर्ट की घोषणा करने वाले हैं। अतः पूरी ज़िन्दगी की विस्तृत साढ़े साती रिपोर्ट पाने के लिए एस्ट्रोसेज.कॉम देखें। मुझे उम्मीद है कि जल्दी ही यह रिपोर्ट हिन्दी में हिन्दीलोक.कॉम पर भी उपलब्ध होगी।

साढ़े साती रिपोर्ट पर ताज़ातरीन सूचना: अब “एस्ट्रोसेज.कॉम बर्थ चार्ट” और “माइकुण्डली.कॉम” पर रिपोर्ट पढ़ी जा सकती है। आप बायीं तरफ़ की सूची में “प्रडिक्शन” शीर्षक के अन्तर्गत “शनि साढ़े साती” नाम से यह रिपोर्ट पढ़ सकते हैं।

Friday, August 28, 2009

ज़िन्दगी में जो इक कमी-सी है

ज़िन्दगी में जो इक कमी-सी है
आँखों में जो इक नमी-सी है
बहार में भी पतझड़ का जो इक एहसास-सा है
गुमशुदा है इक अरमाँ जो दिल के पास-सा है

हर सांस में जो इक प्यास-सी है
हर आह में जो इक आस-सी है
होश के भीतर छुपी जो इक बेहोशी-सी है
सरगोशियों में भी जो इक ख़ामोशी-सी है

दिन-रात जो इक गहमागहमी-सी है
जिस्म में कहीं रूह इक सहमी-सी है
दिलों के दरम्याँ इक बर्फ़ जो जमी-सी है
छाती के नीचे इक धड़कन जो थमी-सी है

क्या ये स्याह रातें ढलेंगी कभी
क्या ये बंद आँखें खुलेंगी कभी
क्या अंधेरे में कभी आएगा नूर
क्या ये बेचैनी कभी होगी दूर ?

Wednesday, August 26, 2009

भग्न हृदय की आशा

प्रात पल्लवित हुआ पुष्प
सांझ में मुरझा गया
दिन को कर प्रकाशित सूर्य
निशार्वट में समा गया

भग्न हृदय की अश्रुधार
कपोल पर शुष्क हो गयी
थी जो रसासिक्त कल्पना
आज वो रुक्ष हो गयी

फिर भी इस दुःख-राशि में
आशी को ढूंढता हूँ
फिर शून्य से निर्माण को मैं
अस्तित्व को रूंधता हूँ

Monday, August 24, 2009

हिन्दीलोक.कॉम : नए ज़माने का हिन्दी पोर्टल

hindilok-hi हिन्दीलोक.कॉम - ये नाम शायद आपके ज़ेहन से अब कभी नहीं उतरे। हमारी कोशिश यही रहेगी कि अब यह नाम आपके दैनिक जीवन का हिस्सा बन जाए। दरअसल हिन्दीलोक.कॉम अपने आप में अनूठा हिन्दी पोर्टल है। हमारी कोशिश है कि यहाँ हिन्दी  के हर तरह के पाठकों को कुछ-न-कुछ मिले, वह भी गुणवत्ता के साथ। यहाँ हिन्दी साहित्य के पाठक प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिका कथादेश को ऑनलाइन पढ़ सकेंगे। साहित्य-प्रेमी सिर्फ़ इसलिए कथादेश नहीं पढ़ पाते, क्योंकि वो उन्हें उपलब्ध नहीं हो पाती। लेकिन, हिन्दीलोक.कॉम पर “कथादेश” मुफ़्त उपलब्ध रहेगी। समाचार पाठक न केवल ताज़ातरीन ख़बरें पाएंगे, बल्कि पाएंगे वरिष्ठ पत्रकारों द्वारा विश्लेाषण भी।

सिनेमा के पाठक सिर्फ़ मसालेदर ख़बरें ही नहीं, बल्कि पाएंगे संजीदगीभरी समीक्षाएँ- संगीत समीक्षा, कलाकारों के इंटरव्यू  और बॉलीवुड पर एक नया नज़रिया। कई जानीमानी हस्तियाँ भी अपनी राय रखेंगी – “मेहमान कोना” में। यही नहीं, बरसों जाँची-परखी एस्ट्रोसेज तकनीक से कुण्डली-मिलान और भविष्यफल जाना जा सकता है। साथ ही जो लोग हिन्दी पढ़ने में दिक़्क़त महसूस करते हैं, उनकी सुविधा का ध्यान रखते हुए पोर्टल पर एक सेक्शन अंग्रेज़ी का भी है।

ब्लॉग जगत की सुर्ख़ियाँ भी यहाँ देखी जा सकती हैं। ब्लॉगर मित्र न केवल पाठक बन पाएंगे, बल्कि वे अपने आलेख भी पोर्टल पर प्रकाशित करा सकते हैं। मित्रो, आपकी प्रतिक्रियाओं और लेखों का इंतज़ार रहेगा। देखिए - हिन्दीलोक.कॉम

Sunday, August 2, 2009

ज़िन्दगी ऊन का गोला

ज़िन्दगी…
ऊन के गोले की तरह
खुलती जाती है
आख़िर में रुकती है सिफ़र पर

यादें…
रात भर लहरों की तरह
बहती जाती हैं
थमती नहीं हैं सहर पर

जज़्बात…
पलछिन सागर की तरह
उफ़नते रहते हैं
ठिठकते हैं तो तेरी नज़र पर

वजूद…
मुश्किल पहेली की तरह
उलझता जाता है
हैरान हूँ बेबूझ दहर पर

Saturday, June 6, 2009

मेरा दांव रोहित और रैना पर है : मनोज बाजपेयी

Manoj Bajpai on T20 World Cup 2009टी-20 वर्ल्ड कप में यूं तो भारतीय टीम में धुरंधरों की भरमार है, लेकिन अभिनेता मनोज बाजपेयी का दांव रोहित शर्मा और सुरेश रैना पर है। मनोज बाजपेयी का मानना है कि इन दोनों खिलाड़ियों में बेजोड़ हुनर है। मनोज कहते हैं- ये दोनों बल्लेबाज बेहतरीन फॉर्म में हैं, और हिन्दुस्तान को अभी इनके टेलेंट से पूरी तरह रुबरु होना बाकी है...


(पूरा साक्षात्कार पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक कीजिए)

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