आज ९ सितम्बर के दिन रात के तक़रीबन १२ बजे शनि सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करेगा। नव-ग्रहों में शनि सबसे धीमी गति से चलते वाला ग्रह है और इसलिए इसका राशि बदलना ज्योतिष के नज़रिए से काफ़ी अहमियत रखता है। राशि-परिवर्तन का असर व्यक्तियों और देशों, दोनों पर ही होगा। सिंह राशि का स्वामी सूर्य है, जो शनि के लिए मित्रतापूर्ण नहीं है और इसलिए कुछ ज्योतिषी मानते हैं कि पिछले दो सालों की हलचल और मंदी की वजह सिंह राशि में शनि की मौजूदगी है। अब शनि कन्या राशि में प्रविष्ट हो रहा है, जिसका स्वामित्व बुध के पास है और बुध को शनि का मित्र ग्रह माना जाता है। इसलिए ज्योतिषी मान रहे हैं कि आने वाला समय अच्छा होगा।
शनि की छवि आमतौर पर ऐसी है, जिससे सभी भय खाते हैं। शनि ही “साढ़े साती” का कारक भी है, जिसे लोग ख़राब मानते हैं और साढ़े साती से लोग काफ़ी घबराते भी हैं। शनि के कन्या में प्रवेश करने का एक मतलब यह भी है कि जिन लोगों की चन्द्र-राशि कर्क है, वे अब से शनि की साढ़े साती के प्रभाव में नहीं होंगे। वहीं दूसरी तरफ़, साढ़े साती उन लोगों के लिए शुरू हो रही है जिनकी चन्द्र-राशि राशि तुला है। इसलिए शनि के कन्या में होने के कारण, वे लोग साढ़े साती के प्रभाव के अन्तर्गत आएंगे जिनकी राशि सिंह, कन्या और तुला है।
अगर सच कहा जाए तो साढ़े साती से घबराने की क़तई ज़रूरत नहीं है और मैं पहले ही यह बात साढ़े साती पर लिखे गए अपने विस्तृत लेख में कह चुका हूँ। अगर आ प साढ़े साती के बारे में और ज़्यादा जानना-समझना चाहते हैं, तो कृपया वह लेख पढ़ें।
आख़िर में, सबसे ज़रूरी बात जिसके लिए मैंने यह लेख लिखा है – कल हम एस्ट्रोसेज.कॉम पर साढ़े साती रिपोर्ट की घोषणा करने वाले हैं। अतः पूरी ज़िन्दगी की विस्तृत साढ़े साती रिपोर्ट पाने के लिए एस्ट्रोसेज.कॉम देखें। मुझे उम्मीद है कि जल्दी ही यह रिपोर्ट हिन्दी में हिन्दीलोक.कॉम पर भी उपलब्ध होगी।
साढ़े साती रिपोर्ट पर ताज़ातरीन सूचना: अब “एस्ट्रोसेज.कॉम बर्थ चार्ट” और “माइकुण्डली.कॉम” पर रिपोर्ट पढ़ी जा सकती है। आप बायीं तरफ़ की सूची में “प्रडिक्शन” शीर्षक के अन्तर्गत “शनि साढ़े साती” नाम से यह रिपोर्ट पढ़ सकते हैं।



